ज्वार-भाटा, सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण

ज्वार-भाटा (Tides)

परिभाषा
  • ज्वार (High Tide): समुद्र या सागरों का जलस्तर सामान्य स्तर से ऊपर उठना।
  • भाटा (Low Tide): समुद्र या सागरों का जलस्तर सामान्य स्तर से नीचे गिरना।

मुख्य तथ्य (वनलाइनर)
  • ज्वार और भाटा का समय पृथ्वी की दैनिक गति के कारण बदलता है।
  • अयनवृत्तीय ज्वार (Tide at Tropics): कर्क और मकर रेखा पर उत्पन्न ज्वार।
  • दीर्घ ज्वार (Spring Tide): पूर्णिमा और अमावस्या के दिन सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होने पर उत्पन्न
  • अल्प ज्वार (Neap Tide): चंद्रमा और सूर्य 90° कोण पर होने पर उत्पन्न
  • ज्वार–भाटा का अंतराल: ज्वार के लगभग 6 घंटे 13 मिनट बाद भाटा आता है।
  • ज्वार-भाटा की उत्पत्ति सूर्य और चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण होती है।
  • प्रगामी तरंग सिद्धांत (Progressive Wave Theory) का प्रतिपादन – विलियम वेवेल।
सूर्यग्रहण - जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी के किसी भाग तक पहुँचने से रोकता है, तो सूर्यग्रहण कहलाता है।

चंद्रग्रहण - जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तो चंद्रग्रहण कहलाता है।

Exam-Oriented :
  1. समुद्र की सबसे गहरी खाई - मैरियाना ट्रैंच – 11,044 मीटर
  2. पृथ्वी की सबसे ऊँची चोटी - माउंट एवरेस्ट – 8,848 मीटर
  3. विश्व का सबसे ऊँचा ज्वार- फंडी की खाड़ी (Bay of Fundy, Canada)
  4. सूर्यग्रहण अमावस्या को होता है।
  5. चंद्रग्रहण पूर्णिमा को होता है।
  6. सूर्यग्रहण में चंद्रमा छाया डालता है, चंद्रग्रहण में पृथ्वी छाया डालती है।
  7. सूर्यग्रहण दिन में दिखाई देता है, चंद्रग्रहण रात में।
  8. सूर्यग्रहण के प्रकार – पूर्ण, आंशिक, वलयाकार।
  9. चंद्रग्रहण के प्रकार – पूर्ण, आंशिक, उपछाया।
  10. सूर्यग्रहण का अवधि कुछ मिनटों की होती है, चंद्रग्रहण का अवधि 1–3 घंटे।
  11. सूर्यग्रहण केवल पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिखाई देता है।
  12. चंद्रग्रहण दुनिया के सभी रात वाले हिस्सों में देखा जा सकता है।
  13. सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है।

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