कृषि का इतिहास
स्वतंन्त्रता के बाद भूमि सुधार हेतु 1949 ई0 में भूमि सूधार कानून बनाये गये।
- काश्तकारी सुधार - किसानों को जोत का अधिकार प्रदान करने तथा जमींदारों के अत्याचार से रक्षा करने का अधिकार दिया गया ।
- चकबंदी -खंडित भूमियों का एक भूखंड के रूप में पुनर्गठन/पुनर्वितरण करने से है।
- भूदान आन्दोलन - सन्त विनोबा भावे द्वारा सन् 18 Apr 1951 में आरम्भ किया।
कृषि मूल्य एवं आयोग :
- स्थापना - 1965, { नाम -कृषि कीमत आयोग ACP }
- इसका नाम बदला -1985 में {कृषि लागत और मूल्य आयोग CACP } Commission for Agricultural Costs and Prices
- यही आयोग किसानों को MSP उपलब्ध कराता है।
- प्रथम बार MSP - 1966-67 में केवल गेहु पर लागू किया था।
- भारत सरकार MSP लागू करती है। यह 23 फसलों के लिए जारी किया जाता है।
राष्ट्रीय किसान आयोग (NCF):
- गठन - 18 नवंबर 2004 को {
- अध्यक्ष -प्रो0 एम.एस. स्वामीनाथन
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2007 में शुरू की गई थी। प्रो0 एम.एस. स्वामिनाथन की अध्यक्षता में
कृषि योजनाएँ एवं पोर्टल :
E-NAM Portal : स्थापना - 14 Apr 2016 PM MODI द्वारा , ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाजार है जो ऑनलाइन फसलों की बिकवाली का काम करता है ।
e-Rashtriya Kisan Agri. Mandi (e-RaKAM) - यहा किसान अपने कृषि उत्पादों को निलामी के माध्यम से बेच सकते हे।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना :
- 01 Feb 2019 पीयूष गोयल द्वारा ।
- 24 Feb 2019 को गोरखपुर से नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 2000 की पहली किस्त के साथ की गई।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना July 2019 : प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान' सौर पंप योजना
अशोक दलवई समिति - 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए गठित की गयी थी।
कृषि के कुछ प्रकार
- द्राक्षाकृषि (viticulture) - अंगूर के अध्ययन / खेती
- ओलिवि कल्चर - जैतुन उत्पादन खेती
- एपीकल्चर - मधुमक्खी पालन / शहद उत्पादन
- फ्लोरीकल्चर - फूलों की खेती
- एन्थोलॉजी - पुष्पों का अध्ययन
- सिल्वीकल्चर -जंगलों और वनों के सरंक्षण / अध्ययन
- वर्माकल्चर - केचुआ पालन
- मोरीकल्वर - शहतूत की खेती रेशम कीट पालन हेतु
- पीसीकल्चर(Pisciculture) : मत्स्य पालन का अध्ययन
- सेरीकल्चर - रेशम उत्पादन
- हॉर्टीकल्चर : फलों का उत्पादन /बागवानी /उद्यान विज्ञान
- पोमोलॉजी : फलों का अध्ययन
खेती के प्रकार
झूमिगं खेती / बुश फेलो कृषि, काटो और जलाओ :
- यह पूर्वोत्तर भारत की स्थानांतरण कृषि है।
- राज्य - असम, मेघालय, नागालैण्ड, मिजोरम
सीडीदार खेती :
- यह पहाडी क्षेत्रों में की जाती है।
- यह प्राचीन तकनीक मिट्टी के कटाव को रोकती है, पानी का संरक्षण करती है।
रोपण खेती :
- ऐसे बागान जहाँ बिक्री के लिए एक नकद फसल उगाई जाती है। इन्हें नकदी व वाणिज्यिक खेती भी कह सकते है। जैसे- रबड़, कोको, चाय, कहवा, पटसन, कपास आदि ।
रेंचिग कृषि :
- इस कृषि प्रणाली में प्राकृतिक वनस्पति पर विभिन्न प्रकार के पशुओं जैसे- भेड़, बकरी आदि को चराया जाता है।
कार्बनिक खेती (ऑर्गेनिक) :
- इसमें रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है।
- कार्बनिक खेती के जनक- अल्बर्ट हावर्ड
- उत्तराखण्ड के नैनताल जिले के माकंदपुर गाँव में शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक खेती होने के कारण उसे ऑर्गेनिक गॉव की संज्ञा दी गयी है।
ऋतुओं के आधार पर फसलों का वर्गीकरण
(1) रबी फसल :
- बोयी : अक्टूबर- नवम्बर , कटाई : मार्च-अप्रेल
- फसलें : गेंहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी, आलू, तम्बाकू आदि ।
(2) खरीफ फसल :
- बोयी : जून-जुलाई , कटाई : नवम्बर-दिसम्बर
- फसलें : धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, सनई, कोदो, अरहर, मूँगफली, कपास, गन्ना, सोयाबीन।
(3) जायद फसल : ग्रीष्म ऋतु
- बोयी : मार्च- अप्रेल , कटाई : जून-जुलाई
- फसल : तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, लौकी, लोबिया आदि।
*उ.प्र. में उगाई गयी फसलों में न्यूनतम अवधि - मूँग
*तिल उत्तर में खरीफ फसल और दक्षिण में रबी की फसल है।
प्रमुख फसलें
(1) गन्ना :
- उत्पादन में प्रथम स्थान - उत्तर प्रदेश का है।
- गन्ना उत्पादन में प्रति हेक्टेयर की दृष्टि से प्रथम स्थान तमिलनाडू का है।
- गन्ने के लिए वर्षा 100-200 सेमी. की आवश्यकता होती है।
- गन्नें का मुख्यतः उत्पादन तराई क्षेत्र व गंगा-यमुना का दोआब क्षेत्र में होता है।
- UP के कुल कृषि योग्य क्षेत्र के लगभग 13% भू-भाग पर गन्ने की खेती की जाती है।
- * गन्ना उत्तर प्रदेश की सर्वाधिक नकदी व वाणिज्यिक फसल है।
- * उ.प्र. को शक्कर का प्याला कहते है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यवसायिक फसल गन्ना है।
(2) गेंहूँ :
- उपयुक्त मिट्टी- दोमट मिट्टी
- वर्षा : 50 -75 सेमी. की जरूरत
- सर्वाधिक गेंहूँ उत्पादक राज्य - UP , सर्वाधिक गेंहूँ खेती गोरखपुर में होती है।
- सर्वाधिक गेंहूँ उत्पादक राज्य प्रति हेक्टेयर की दृष्टि से - पंजाब
- उ.प्र. के कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 24% भू-भाग पर गेंहूँ की खेती की जाती है।
- उ.प्र. की * प्रमुख खाद्यान्न फसल है। ( PCS-2010) • वर्षा- 50-75 सेमी.
- मध्य प्रदेश के शरबती गेंहूँ को अप्रेल 2023 में जी.आई. टैग मिला।
(3) चावल :
- UP के कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 18% पर चावल की खेती की जाती है।
- सर्वाधिक उत्पादक राज्य - पं. बंगाल , दूसरा स्थान - UP
- इसके लिए चिकनी व उपजाऊ मिट्टी, गर्म जलवायु, तथा वर्षा 75-125 सेमी. तक , बोते समय तापमान 20°C तथा पकते समय 27 °C चाहिए।
प्रसिद्ध किस्में :
- काला नमक चावल - सिद्धार्थनगर (UP) का है।
- आदम चीनी चावल - (चंदौली , UP) का, 2023 में GI टैग मिला।
- खामती चावल - अरूणांचल का, अक्टूबर 2023 में GI टैग मिला।
- काला जीरा चावल - ओडिशा का, सितम्बर 2023 में GI टैग मिला।
- मर्चा चावल - बिहार का, अप्रेल 2023 में GI टैग दिया मिला।
- नागरी दुबराज चावल - छत्तीसगढ़ का, अप्रेल 2023 में GI टैग मिला।
(4) चना :
- इसके लिए 30-50 सेमी. वर्षा तथा 15-25°C तापमान की आवश्यकता होती है।
- उ.प्र. के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर उगाई जाने वाली दलहन फसल।
(5) कपास :
- काली मिट्टी कपास के उपयुक्त होती है।
- UP के गंगा-यमुना दोआब, रुहेलखण्ड और बुंदेलखण्ड क्षेत्रों में सिंचाई के सहारे खेती की जाती है।
- उ.प्र. के आगरा जिले में कपास की स्वदेशी किस्म की बुवाई का उपयुक्त समय अप्रेल का पहला पखवाड़ा है।
(6) पटसन पौधा:
- इससे प्राप्त जूट को सुनहरा रेशा भी कहते है।
- UP तराई क्षेत्र व गंगा घाघरा के दोआब क्षेत्र में खेती की जाती है।
- इसका उपयोग रस्सी बनाने में किया जाता है।
- बहराइच, महराजगंज, देवरिया, गोंडा, सीतापुर, खीरी में मुख्य रुप से खेती की जाती है।
- पटसन के उत्पादन के लिए किसानों की सुविधा के लिए पाट-मित्रो एप्लिकेशन (वस्त्र मंत्रालय) लांच।
फसलों के जन्मस्थान :
- भारत - गन्ना, ज्वार, मूँग, अरहर, उड़द
- द. अमेरिका- अमरूद, तम्बाकू
- मैक्सिको - मक्का
- इथोपिया - कॉफी
- चीन - सोयाबीन,
- ब्राजील - कहवा, रबड़
- पेरू - आलू
कृषि से सम्बन्धित क्रांतियाँ
- पीली क्रांति - तिलहन उत्पादन से ( जनक- सैम पित्रादा )
- रजत क्रांति - अण्डा ( जनक- इंदिरा गाँधी )
- लाल क्रांति - टमाटर व मांस ( जनक- विशाल तिवारी )
- गुलाबी क्रांति - झींगा मछली ( जनक- दुर्गेश पटेल )
- नीली क्रांति - मत्स्य ( जनक- अरुण कृष्णन व हीरालाल चौधरी )
- कृष्ण क्रांति - पेट्रोलियम उत्पादन
- हरित सोना क्रांति - बाँस उत्पादन से
- सुनहरी क्रांति - फल उत्पादन से
- ग्रीन गोल्ड क्रांति - चाय उत्पादन से
- सिल्वर फाइबर क्रांति - कपास से
- बादामी क्रांति - मसालों के उत्पादन से
- अमृत क्रांति - नदी जोड़ो योजना
- भूरी क्रांति- उर्वरक उत्पादन से
- स्वर्ण रेशा क्रांति- जूट उत्पादन से
- खाकी क्रांति - चमड़ा उत्पादन से
हरित क्रांति / तीसरी कृषि क्रांति:
- शुरुआत- मैक्सिको में हुई थी।
- जनक अमेरिकी - नॉर्मन ई. बोरलॉग को
- सर्वप्रथम हरित क्रांति शब्द का प्रयोग किया -डॉ. विलियम गॉड ने (1968 में)
- भारत में हरित क्रांति का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा था।
- भारत में जनक- डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन
- हरित क्रांति का जन्म स्थल - पंतनगर (उत्तराखण्ड)
- भारत में जब हरित क्रांति की शुरुआत हुई उस समय भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी, कृषि मंत्री चिदम्बरम सुब्रमण्यम, कृषि सचिव बी. शिवरमन थे।
- भारत में पहला चरण 1960 से 1970 के दशक के मध्य
- इस क्रांति की विधि में HYV (High Yield Variety) बीजों का प्रयोग किया गया।
श्वेत क्रांति / दुग्ध क्रांति / ऑपरेशन फ्लड :
- उद्देश्य - दुग्ध उत्पादन बढ़ाना
- शुरुआत - 13 जनवरी 1970 को
- प्रारम्भ (NDDB) द्वारा - गुजरात से हुई , समापन - 1996 में
- श्वेत क्रांति का जनक - डॉ. वर्गीज कुरियन ,
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की स्थापना- 16 जुलाई 1965
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का मुख्यालय- आनंद गुजरात
- राष्ट्रीय दुग्ध दिवस- 26 नवम्बर { डॉ. वर्गीज कुरियन जन्म दिवस 26 नवम्बर 1921 }
- विश्व दुग्ध दिवस- 1 जून
भारत में सिचाईं :
- भारत में नलकूपों और टयूवेल से सर्वाधिक सिचाईं होती हैं।
- सर्वाधिक सिंचित राज्य क्षेत्रफल में - UP
- सर्वाधिक सिंचित राज्य प्रतिशत में - पंजाब
- तालाब द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - तमिलनाडू
- नलकूपों द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - UP
- नहरों द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - UP
UP कृषि :
2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की कुल कार्यशील जनसंख्या के 59.3% लोग कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में नियोजित है। जिसमे से 29% कृषक और 30.3% कृषि श्रमिक है।
- UP के जौनपुर, आजमगढ़ , मऊ जिलों में पाई जाने वाली मिट्टी में पोटाश की कमी है।
- उत्तर प्रदेश के तीन कृषि निर्यात क्षेत्र- लखनऊ (आम ), सहारनपुर (आम ) एवं आगरा (आलू )
- जौ के उत्पादन में प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है।
- सरसों के उत्पादन में प्रदेश का दूसरा स्थान है।
- देश में उत्तर प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान है।
- गोरखपुर जिले में प्रदेश का सर्वाधिक गेहूँ पैदा होता है।
- प्रतापगढ़ में सर्वाधिक आंवला का उत्पादन होता है।
- शाहजहाँपुर, फर्रुखाबाद में सर्वाधिक उत्पादन अमरूद का होता है।
- बाराबंकी में अफीम का उत्पादन होता है।
- कन्नौज में पुष्प इत्र बनाया जाता है।
- गाजीपुर में राज्य की एकमात्र अफीम फैक्ट्री है।
- अरहर (तूर) की खेती मुख्यतः बुंदेलखण्ड (UP) क्षेत्र में की जाती है।
- सोयाबीन की खेती मुख्यतः बुंदेलखण्ड क्षेत्र (UP) में की जाती है।
- उ.प्र. की प्रमुख तिलहन फसल- राई व सरसों
- उत्तर प्रदेश के जी.डी.पी में कृषि का योगदान- 19.9%
- उत्तर प्रदेश की जीडीपी में सर्वाधिक योगदान वाले जिले : (1) गौतमबुद्ध नगर (2) लखनऊ ( 3 ) आगरा ( 4 ) प्रयागराज
- उत्तर प्रदेश की जीडीपी में न्यूनतम योगदान वाले जिले : (1) चित्रकूट (2) श्रावस्ती (3) संतकबीर नगर
- उत्तर प्रदेश में 1954ई0 में चकबन्दी योजना की शुरूवात हुई थी।
- उत्तर प्रदेश की लगभग 78% जनसंख्या कृषि क्षेत्र में कार्यरत है।
- उत्तर प्रदेश के कुल क्षेत्रफल के 68% भाग पर कृषि होती है।
- उत्तर प्रदेश में कृषि के लिए प्रयुक्त भूमि- 68.7%
- उ.प्र. में औसत क्रियाशील जोत का आकार 0.73 हेक्टेअर
- उ.प्र. में एक हेक्टेअर से कम आकार जोत का प्रतिशत 80.18 है जिन्हें सीमांत कृषक कहा जाता है।
| प्रमुख कृषि अनुसंधान केंद्र |
मुख्यालय |
स्थापना वर्ष |
| भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) |
नई दिल्ली |
23 मई 1929 |
| भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) |
पूसा, बिहार दिल्ली (स्थानान्तरित) |
1 अप्रैल 1905, 29 जुलाई 1936 |
| राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र |
कटक, ओड़िशा |
23 अप्रैल 1946 |
| केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान |
नागपुर, महाराष्ट्र |
अप्रैल 1976 |
| भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान |
लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
1952 |
| गन्ना प्रजनन संस्थान |
कोयम्बटूर, तमिलनाडु |
1912 |
| केन्द्रीय कॉफी अनुसंधान केंद्र |
चिकमंगलूर, कर्नाटक |
1925 |
| केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान |
शिमला, हिमाचल प्रदेश |
अगस्त 1949 |
| केंद्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र |
मैसूर, कर्नाटक |
1961 |
| भातीय खाद्य निगम FCI |
नई दिल्ली |
14 Jan 1965 |
(राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक ) नाबार्ड :
- NABARD- National Bank For Agriculture And Rural Development.
- यह कृषि ग्रामीण विकास की सर्वोच्च संस्था है।
- स्थापना - 12 जुलाई 1982 , शिवरमन समिति की सिफारिश पर ।
- मुख्यालय - मुम्बई
- नाबार्ड द्वारा अधिकतम् 15 वर्षों के लिए कृषि ऋण प्रदान किया जाता है।
Exam Point :
- सिक्किम भारत का प्रथम पूर्ण जैविक राज्य है जहाँ रासायनिक उर्वरको के बिक्री पर प्रतिबंध है।
- कृषि क्षेत्र में बायोटिक पार्क बनाने वाला भारत का प्रथम राज्य- पंजाब
- चींटियों के हमले से फसलों की सुरक्षा के लिए कपूर का प्रयोग किया जाता है।
- कम्पोस्ट? - अच्छी तरह से सड़े हुए पौधे और जानवरों के अवशेषों को कम्पोस्ट खाद कहा जाता है।
- शेयर क्रॉपिंग ? - भूमि का मालिक एक किरायेदार को, अपने हिस्से की भूमि पर पैदावार एक हिस्से के बदले में, अपनी भूमि का उपयोग करते देता है।
- भारत में प्रथम कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना?- पंतनगर (उत्तराखण्ड)