भारत में कृषि

कृषि का इतिहास

नव पाषाण काल (4000 - 2500 BC) :
  • कृषि की खोज - पहला साबुत मिला - मेहरगढ़ (बलूचिस्तान )
  • चावल/धान की खेती का सबसे पहले साक्ष्य ?- कोल्डिहवा (इलाहाबाद ) से
  • सर्वप्रथम मानव द्वारा प्रयुक्त अनाज – जौ
स्वतंन्त्रता के बाद भूमि सुधार हेतु 1949 ई0 में भूमि सूधार कानून बनाये गये।
  • काश्तकारी सुधार - इसके माध्यम से किसानों को जोत का अधिकार प्रदान करने तथा जमींदारों के अत्याचार से रक्षा करने का अधिकार दिया गया ।
  • चकबंदी - चकबंदी का अर्थ खंडित भूमियों का एक भूखंड के रूप में पुनर्गठन/पुनर्वितरण करने से है।
  • भूदान आन्दोलन - सन्त विनोबा भावे द्वारा सन् 18 Apr 1951 में आरम्भ किया।

कृषि कीमत आयोग ACP 1965 की स्थापना हुई , फिर 1985 में इसका नाम बदला - कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) Commission for Agricultural Costs and Prices यही आयोग किसानों को MSP उपलब्ध कराता है।
  • Minimum Support Price (MSP) - एमएसपी तय होने के बाद बाजार में फसलों की कीमत गिरने के बाद भी सरकार किसानों से तय कीमत पर ही फसलें खरीदती है।
  • प्रथम बार MSP 1966-67 में केवल गेहु पर लागू किया गया था।
  • भारत सरकार MSP लागू करती है। यह 23 फसलों के लिए जारी किया जाता है।
राष्ट्रीय किसान आयोग (NCF):
  • गठन 18 नवंबर 2004 को { अध्यक्ष -प्रो0 एम.एस. स्वामीनाथन }
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2007 में शुरू की गई थी। प्रो0 एम.एस. स्वामिनाथन की अध्यक्षता में
ई-नाम पोर्टल / E-NAM Portal - एक राष्ट्रीय कृषि बाजार है जो ऑनलाइन फसलों की बिकवाली का काम करता है । स्थापना -  14 Apr 2016 PM MODI द्वारा

e-Rashtriya Kisan Agri. Mandi (e-RaKAM) - यहा किसान अपने कृषि उत्पादों को निलामी के माध्यम से बेच सकते हे। जिसमें स्थानीय किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार के साथ जोड़ा जाएगा।


प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना :
  • 01 Feb 2019 पीयूष गोयल द्वारा घोषणा की गई।
  • 24 Feb 2019 को गोरखपुर से नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 2000 की पहली किस्त के साथ की गई।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना July 2019 : प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान' सौर पंप योजना

अशोक दलवई समिति - 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए गठित की गयी थी।

कृषि के कुछ प्रकार
  • द्राक्षाकृषि (viticulture) - अंगूर के अध्ययन / खेती
  • ओलिवि कल्चर - जैतुन उत्पादन खेती
  • एपीकल्चर - मधुमक्खी पालन / शहद उत्पादन
  • फ्लोरीकल्चर - फूलों की खेती
  • एन्थोलॉजी (Anthology) - पुष्पों का अध्ययन
  • सिल्वीकल्चर -जंगलों और वनों के सरंक्षण / अध्ययन
  • वर्माकल्चर - केचुआ पालन
  • मोरीकल्वर - शहतूत की खेती रेशम कीट पालन हेतु
  • पीसीकल्चर(Pisciculture) : मत्स्य पालन का अध्ययन
  • सेरीकल्चर - रेशम उत्पादन
  • हॉर्टीकल्चर (Horticulture) : फलों का उत्पादन /बागवानी /उद्यान विज्ञान
  • पोमोलॉजी (Pomology) : फलों का अध्ययन
खेती के प्रकार

झूमिगं खेती / बुश फेलो कृषि, काटो और जलाओ : 
यह पूर्वोत्तर भारत की स्थानांतरण कृषि है। राज्य असम, मेघालय, नागालैण्ड, मिजोरम

इसके अलग-अलग नाम :
  • मध्यप्रदेश में  - दहिया
  • मणिपुर में - पामलु
  • झारखण्ड में - कुरावा 
  • केरल में - पोणम् 
  • पश्चिमी घाट ( MP, Gova )- कुमारी
सीडीदार खेती : 
  • यह पहाडी क्षेत्रों में की जाती है।
  • यह प्राचीन तकनीक मिट्टी के कटाव को रोकती है, पानी का संरक्षण करती है।
रोपण खेती : 
  • ऐसे बागान जहाँ बिक्री के लिए एक नकद फसल उगाई जाती है। इन्हें नकदी व वाणिज्यिक खेती भी कह सकते है। जैसे- रबड़, कोको, चाय, कहवा, पटसन, कपास आदि ।
रेंचिग कृषि : 
  • इस कृषि प्रणाली में प्राकृतिक वनस्पति पर विभिन्न प्रकार के पशुओं जैसे- भेड़, बकरी आदि को चराया जाता है।
कार्बनिक खेती (ऑर्गेनिक) : 
  • इस खेती में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है।
  • कार्बनिक खेती के जनक- अल्बर्ट हावर्ड
ऋतुओं के आधार पर फललों का वर्गीकरण
(1) रबी फसल :
  • बोयी : अक्टूबर- नवम्बर , कटाई : मार्च-अप्रेल
  • फसलें : गेंहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी, आलू, तम्बाकू आदि ।
(2) खरीफ फसल :
  • बोयी  : जून-जुलाई , कटाई : नवम्बर-दिसम्बर
  • फसलें : धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, सनई, कोदो, अरहर, मूँगफली, कपास, गन्ना, सोयाबीन।
(3) जायद फसल : ग्रीष्म ऋतु 
  • बोयी : मार्च- अप्रेल , कटाई : जून-जुलाई 
  • फसल : तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, लौकी, लोबिया आदि।
*उ.प्र. में उगाई गयी फसलों में न्यूनतम अवधि - मूँग
*तिल उत्तर में खरीफ फसल और दक्षिण में रबी की फसल है।

प्रमुख फसलें
(1) गन्ना :
  • उत्पादन में प्रथम स्थान - उत्तर प्रदेश का है।
  • गन्ना उत्पादन में प्रति हेक्टेयर की दृष्टि से प्रथम स्थान तमिलनाडू का है।
  • गन्ने के लिए वर्षा 100-200 सेमी. की आवश्यकता होती है। 
  • गन्नें का मुख्यतः उत्पादन तराई क्षेत्र व गंगा-यमुना का दोआब क्षेत्र में होता है।
  • UP के कुल कृषि योग्य क्षेत्र के लगभग 13% भू-भाग पर गन्ने की खेती की जाती है।
  • * गन्ना उत्तर प्रदेश की सर्वाधिक नकदी व वाणिज्यिक फसल है।
  • * उ.प्र. को शक्कर का प्याला कहते है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यवसायिक फसल गन्ना है।
(2) गेंहूँ : 
  • उपयुक्त मिट्टी- दोमट मिट्टी 
  • वर्षा : 50 -75 सेमी. की जरूरत
  • सर्वाधिक गेंहूँ उत्पादक राज्य - UP , सर्वाधिक गेंहूँ खेती गोरखपुर में होती है।
  • सर्वाधिक गेंहूँ उत्पादक राज्य प्रति हेक्टेयर की दृष्टि से - पंजाब
  • उ.प्र. के कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 24% भू-भाग पर गेंहूँ की खेती की जाती है। 
  • उ.प्र. की * प्रमुख खाद्यान्न फसल है। ( PCS-2010) • वर्षा- 50-75 सेमी.
  • मध्य प्रदेश के शरबती गेंहूँ को अप्रेल 2023 में जी.आई. टैग मिला।
(3) चावल :
  • UP के कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 18% पर चावल की खेती की जाती है।
  • सर्वाधिक उत्पादक राज्य - पं. बंगाल , दूसरा स्थान - UP 
  • इसके लिए चिकनी व उपजाऊ मिट्टी, गर्म जलवायु, तथा वर्षा 75-125 सेमी. तक , बोते समय तापमान 20°C तथा पकते समय 27 °C चाहिए।
प्रसिद्ध किस्में :
  • काला नमक चावल - सिद्धार्थनगर (UP) का है।
  • आदम चीनी चावल - (चंदौली , UP) का,  2023 में GI टैग मिला।
  • खामती चावल - अरूणांचल का, अक्टूबर 2023 में GI टैग मिला।
  • काला जीरा चावल - ओडिशा का,  सितम्बर 2023 में GI टैग मिला।
  • मर्चा चावल - बिहार का, अप्रेल 2023 में GI टैग दिया मिला।
  • नागरी दुबराज चावल - छत्तीसगढ़ का, अप्रेल 2023 में GI टैग मिला।
(4) चना : 
  • इसके लिए 30-50 सेमी. वर्षा तथा 15-25°C तापमान की आवश्यकता होती है।
  • उ.प्र. के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर उगाई जाने वाली दलहन फसल।
(5) कपास :
  • काली मिट्टी कपास के उपयुक्त होती है।
  • UP के गंगा-यमुना दोआब, रुहेलखण्ड और बुंदेलखण्ड क्षेत्रों में सिंचाई के सहारे खेती की जाती है।
  • उ.प्र. के आगरा जिले में कपास की स्वदेशी किस्म की बुवाई का उपयुक्त समय अप्रेल का पहला पखवाड़ा है।
(6) पटसन पौधा:
  • इससे प्राप्त जूट को सुनहरा रेशा भी कहते है।
  • UP तराई क्षेत्र व गंगा घाघरा के दोआब क्षेत्र में खेती की जाती है।
  • इसका उपयोग रस्सी बनाने में किया जाता है।
  • बहराइच, महराजगंज, देवरिया, गोंडा, सीतापुर, खीरी में मुख्य रुप से खेती की जाती है।
  • पटसन के उत्पादन के लिए किसानों की सुविधा के लिए पाट-मित्रो एप्लिकेशन (वस्त्र मंत्रालय) लांच। 
फसलों के जन्मस्थान :
  • भारत - गन्ना, ज्वार, मूँग, अरहर, उड़द 
  • द. अमेरिका- अमरूद, तम्बाकू 
  • मध्य अमेरिका (मैक्सिको )- मक्का 
  • इथोपिया - कॉफी 
  • चीन - जौ, सोयाबीन, चाय, मसूर
  • ब्राजील - कहवा, रबड़
  • अफ्रीका - बाजरा
  • पेरू - आलू 
कृषि से सम्बन्धित क्रांतियाँ
  • पीली क्रांति - तिलहन उत्पादन से ( जनक- सैम पित्रादा )
  • रजत क्रांति - अण्डा  ( जनक- इंदिरा गाँधी )
  • लाल क्रांति - टमाटर व मांस  ( जनक- विशाल तिवारी )
  • गुलाबी क्रांति - झींगा मछली  (  जनक- दुर्गेश पटेल )
  • नीली क्रांति - मत्स्य ( जनक- अरुण कृष्णन व हीरालाल चौधरी )
  • गोल क्रांति - आलू उत्पादन से  
  • कृष्ण क्रांति - पेट्रोलियम उत्पादन 
  • हरित सोना क्रांति - बाँस उत्पादन से
  • सुनहरी क्रांति - फल उत्पादन से
  • ग्रीन गोल्ड क्रांति - चाय उत्पादन से
  • सिल्वर फाइबर क्रांति - कपास से
  • बादामी क्रांति - मसालों के उत्पादन से 
  • अमृत क्रांति - नदी जोड़ो योजना 
  • भूरी क्रांति- उर्वरक उत्पादन से 
  • स्वर्ण रेशा क्रांति- जूट उत्पादन से 
  • खाकी क्रांति - चमड़ा उत्पादन से
हरित क्रांति / तीसरी कृषि क्रांति:
  • हरित क्रांति की शुरुआत मैक्सिको में हुई थी। 
  • उद्देश्य- अधिक उपज देने वाली खाद्य फसलों के उत्पादन में वृद्धि करना । 
  • भारत में हरित क्रांति का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा था।
  • भारत में औपनिवेशिक शासन के दौरान कृषि में ठहराव को हरित क्रांति द्वारा स्थायी रुप से समाप्त कर दिया गया था।
  • अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. विलियम गॉड ने सर्वप्रथम हरित क्रांति शब्द का प्रयोग किया। (1968 में)
  • हरित क्रांति के जनक अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक नॉर्मन ई. बोरलॉग को माना जाता है जिन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया है ।
  • भारत में हरित क्रांति के जनक- डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन
  • इस क्रांति की विधि में HYV (High Yield Variety) बीजों का प्रयोग किया गया।
  • भारत में जब हरित क्रांति की शुरुआत हुई उस समय भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी, कृषि मंत्री चिदम्बरम सुब्रमण्यम, कृषि सचिव बी. शिवरमन थे।
  • भारत में हरित क्रांति का पहला चरण 1960 से 1970 के दशक के मध्य तक था। 
  • भारत में आरम्भिक राज्य के रुप में पंजाब राज्य को चुना गया तथा हरित क्रांति का जन्म स्थल पंतनगर (उत्तराखण्ड) को माना गया था।
श्वेत क्रांति / दुग्ध क्रांति / ऑपरेशन फ्लड : 
  • उद्देश्य - दुग्ध उत्पादन बढ़ाना
  • शुरुआत - 13 जनवरी 1970 को 
  • गुजरात से प्रारम्भ हुई और सबसे अधिक सफल आनंद जिला (गुजरात) में हुई। समापन - 1996 में
  • श्वेत क्रांति को आधिकारिक रूप से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) द्वारा प्रारम्भ किया गया था।
  • श्वेत क्रांति का जनक - डॉ. वर्गीज कुरियन , इनके द्वारा ही भारत की सबसे प्रतिष्ठित कम्पनी अमूल की स्थापना की गयी
  • डॉ. वर्गीज कुरियन जी का जन्म 26 नवम्बर 1921 को केरल के कोझिकोड में हुआ था, इसलिए इनके जन्मदिन के अवसर पर प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रुप में मनाया जाता है।
  • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की स्थापना- 16 जुलाई 1965
  • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का मुख्यालय- आनंद गुजरात
  • राष्ट्रीय दुग्ध दिवस- 26 नवम्बर
  • विश्व दुग्ध दिवस- 1 जून

 भारत में सिचाईं :

  • भारत में नलकूपों और टयूवेल से सर्वाधिक सिचाईं होती हैं। 
  • सर्वाधिक सिंचित राज्य क्षेत्रफल में - UP
  • सर्वाधिक सिंचित राज्य प्रतिशत में - पंजाब
  • तालाब द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - तमिलनाडू
  • नलकूपों द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - UP
  • नहरों द्वारा सर्वाधिक संचित राज्य - UP
UP  कृषि :
2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की कुल कार्यशील जनसंख्या के 59.3% लोग कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में नियोजित है।  जिसमे से 29% कृषक और 30.3% कृषि श्रमिक है।
  1. UP के जौनपुर, आजमगढ़ , मऊ जिलों में पाई जाने वाली मिट्टी में पोटाश की कमी है।
  2. उत्तर प्रदेश के तीन कृषि निर्यात क्षेत्र- लखनऊ (आम ), सहारनपुर (आम ) एवं आगरा (आलू )
  3. जौ के उत्पादन में प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। 
  4. सरसों के उत्पादन में प्रदेश का दूसरा स्थान है।
  5. देश में उत्तर प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान है।
  6. गोरखपुर जिले में प्रदेश का सर्वाधिक गेहूँ पैदा होता है। 
  7. प्रतापगढ़ में सर्वाधिक आंवला का उत्पादन होता है।
  8. शाहजहाँपुर, फर्रुखाबाद में सर्वाधिक उत्पादन अमरूद का होता है।
  9. बाराबंकी में अफीम का उत्पादन होता है।
  10. कन्नौज में पुष्प इत्र बनाया जाता है।
  11. गाजीपुर में राज्य की एकमात्र अफीम फैक्ट्री है।
  12. अरहर (तूर) की खेती मुख्यतः बुंदेलखण्ड (UP) क्षेत्र में की जाती है।
  13. सोयाबीन की खेती मुख्यतः बुंदेलखण्ड क्षेत्र (UP) में की जाती है।
  14. उ.प्र. की प्रमुख तिलहन फसल- राई व सरसों 
  15. उत्तर प्रदेश के जी.डी.पी में कृषि का योगदान- 19.9%
  16. उत्तर प्रदेश की जीडीपी में सर्वाधिक योगदान वाले जिले : (1) गौतमबुद्ध नगर (2) लखनऊ ( 3 ) आगरा ( 4 ) प्रयागराज
  17. उत्तर प्रदेश की जीडीपी में न्यूनतम योगदान वाले जिले : (1) चित्रकूट (2) श्रावस्ती (3) संतकबीर नगर
  18. उत्तर प्रदेश में 1954ई0 में चकबन्दी योजना की शुरूवात हुई थी।
  19. उत्तर प्रदेश की लगभग 78% जनसंख्या कृषि क्षेत्र में कार्यरत है।
  20. उत्तर प्रदेश के कुल क्षेत्रफल के 68% भाग पर कृषि होती है।
  21. उत्तर प्रदेश में कृषि के लिए प्रयुक्त भूमि- 68.7% 
  22. उ.प्र. में औसत क्रियाशील जोत का आकार 0.73 हेक्टेअर
  23. उ.प्र. में एक हेक्टेअर से कम आकार जोत का प्रतिशत 80.18 है जिन्हें सीमांत कृषक कहा जाता है।
प्रमुख कृषि अनुसंधान केंद्र मुख्यालय स्थापना वर्ष
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) नई दिल्ली 23 मई 1929
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) पूसा, बिहार दिल्ली (स्थानान्तरित) 1 अप्रैल 1905, 29 जुलाई 1936
राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र कटक, ओड़िशा 23 अप्रैल 1946
केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान नागपुर, महाराष्ट्र अप्रैल 1976
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश 1952
गन्ना प्रजनन संस्थान कोयम्बटूर, तमिलनाडु 1912
केन्द्रीय कॉफी अनुसंधान केंद्र चिकमंगलूर, कर्नाटक 1925
केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला, हिमाचल प्रदेश अगस्त 1949
केंद्रीय रेशम उत्‍पादन अनुसंधान केंद्र मैसूर, कर्नाटक 1961
भातीय खाद्य निगम FCI नई दिल्ली 14 Jan 1965

 नाबार्ड :

  • NABARD- National Bank For Agriculture And Rural Development. (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक )
  • यह कृषि ग्रामीण विकास की सर्वोच्च संस्था है।
  • स्थापना - 12 जुलाई 1982 , शिवरमन समिति की सिफारिश पर ।
  • मुख्यालय - मुम्बई
  • नाबार्ड द्वारा अधिकतम् 15 वर्षों के लिए कृषि ऋण प्रदान किया जाता है।

Exam Point :

  1. सिक्किम भारत का प्रथम पूर्ण जैविक राज्य है जहाँ रासायनिक उर्वरको के बिक्री पर प्रतिबंध है।
  2. कृषि क्षेत्र में बायोटिक पार्क बनाने वाला भारत का प्रथम राज्य- पंजाब
  3. उत्तराखण्ड के नैनताल जिले के माकंदपुर गाँव में शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक खेती होने के कारण उसे ऑर्गेनिक गॉव की संज्ञा दी गयी है। 
  4. चींटियों के हमले से फसलों की सुरक्षा के लिए कपूर का प्रयोग किया जाता है। 
  5. कम्पोस्ट? - अच्छी तरह से सड़े हुए पौधे और जानवरों के अवशेषों को कम्पोस्ट खाद कहा जाता है।
  6. शेयर क्रॉपिंग ? - भूमि का मालिक एक किरायेदार को, अपने हिस्से की भूमि पर पैदावार एक हिस्से के बदले में, अपनी भूमि का उपयोग करते देता है।
  7. खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) का मुख्यालय रोम में है।
  8. भारत में प्रथम कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना?- पंतनगर (उत्तराखण्ड)

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