मानव नेत्र
मानव नेत्र शरीर का मुख्य दृश्य अंग है। नेत्र हमें रंग, आकार, दूरी और प्रकाश पहचानने में मदद करता है।
- सामान्य नेत्र का दूर बिंदु: अनंत, निकट बिंदु: 25 cm
- एक नेत्र वाले व्यक्ति का दृष्टि क्षेत्र: 150°
- एक नेत्र वाले व्यक्ति को संसार द्विविमीय दिखाई देता है।
नेत्र के मुख्य भाग और कार्य
कॉर्निया (Cornea): पारदर्शी बाहरी परत, प्रकाश प्रवेश।
- दोष: गोलाकार न होने पर अबिंदुकता।
आइरिस (Iris / परितारिका): प्रकाश की मात्रा नियंत्रित करती है।
पुतली (Pupil): तीब्र प्रकाश पर छोटी, कम तीव्रता पर बड़ी।
लेंस (Lens / अभिनेत्र लेंस): उत्तल लेंस , समंजन क्षमता: फोकस दूरी बदलकर दूर/निकट वस्तु साफ देखना।
रेटिना (Retina / दृष्टि पटल):
- इमेज बनती है
- प्रतिबिंब का स्थान
- शंकु और रॉड कोशिकाएँ: रंग और प्रकाश पहचानना
Facts - चूजे में शंकु कोशिकाएँ नहीं होतीं
ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve): रेटिना से मस्तिष्क तक संदेश पहुंचाती है।
प्रकाश और दृष्टि व्यवहार
- आंख का व्यवहार: उत्तल लेंस की तरह
- अत्यधिक तीब्र प्रकाश → पुतली छोटी
- कम तीव्रता प्रकाश → पुतली बड़ी
- नेत्र में प्रवेश करने वाले सिग्नलों की व्याख्या मस्तिष्क में होती है
Fact - आकाश नीला दिखता है → नीले प्रकाश का अधिक प्रकीर्णन
रोचक तथ्य
- प्रिज्म सूर्य के श्वेत प्रकाश को 7 रंगों में विभक्त करता है।
- अत्यधिक ऊँचाई पर यात्रियों को आकाश काला दिखाई देता है।
- एड्स या मस्तिष्क रोगी व्यक्ति नेत्रदान नहीं कर सकता है।
- मधुमेह रोगी नेत्रदान कर सकता हैहै।
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