विटामिन को रक्षात्मक पदार्थ भी कहा जाता हैं। विटामिन, एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक हैं, इनसे कोई कैलोरी प्राप्त नहीं होती। इनसे शरीर को किसी भी प्रकार की ऊर्जा प्राप्त नहीं होती हैं।.शरीर कोशिकाओं में इनका संश्लेषण नहीं होता हैं।
विटामिन की खोज 1911 ई. में F.G. हाफकिन्स ने की थी परन्तु विटामिन नाम फंक नामक विज्ञानिक ने दिया था, विटामिन दो प्रकार के होते हैं :-
- जल में घुलनशील - B, C
- वसा में घुलनशील - A, D, E, K
विटामिन के खोजकर्ता
- A - वैकुलर 1911
- B - वैकुलर 1911
- B1 - कैसिमिर फंक 1912
- B2 - डी.टी. स्मिथ और ई.जी. हेंड्रिक 1926
- B3 - काॅनरैड एलवेजम 1937
- B9 - लुसी विल्स 1933
- B6 - पाॅल जियोर्जी 1934
- C - ए. होइस्ट और टी. फ्रेलिच 1912
- D - एडवर्ड मेलानबी 1922
- E - हर्बर्ट इवांस और कैथरीन बिशप 1922
- A रेटिनॉल
- B1 थायमिन
- B2 राइबोफ्लेविन
- B3 निकोटिनैमाइड या नियासिन
- B5 पैंटोथेनिक अम्ल
- B6 पाईरीडाक्सिन
- B7 बायोटिन
- B9 Folic Acid
- B11 फॉलिक अम्ल
- B12 सायनोकोबालमिन
- C एस्कार्बिक एसिड
- D कैल्सिफेरॉल
- E टोकोफेरॉल
- K फिलोक्विंनोन
विटामिन की कमी से होने वाले रोग, पूर्ति के स्रोत :
Vitamin A - रतौधी ,जीरोप्थैलमिया, संक्रमणों का खतरा, त्वचा शुष्क, त्वचा और झिल्लियों में परिवर्तन का आना, दोषपूर्ण दांत आदि।
- पूर्ति के स्रोत - हरी सब्जियां, दूध, टमाटर, पनीर, गाजर, चुकंदर, पीले रंग के फल अंडा, मछलीयकृत तेल
Vitamin B1 - बेरी बेरी, वृद्धि का रुकना, भूख और वजन का घटना, तंत्रिका विकास, थकान का होना, बदहजमी, पेट की खराबी आदि।
- पूर्ति के स्रोत - गेहूँ, संतरे, हरे मटर, खमीर, अंडे, चावल, मूँगफली, हरी सब्जियाँ, अंकुर वाले बीज आदि हैं।
Vitamin B2 - वचा का फटना, आँखों का लाल होना, वृद्धि का रुकना, धुधली दृष्टि का होना, जीभ पर छाले का पड़ जाना ,असमय बुढ़ापा आना, प्रकाश ना सह पाना आदि।
- पूर्ति के स्रोत - खमीर, कलेजी, मांस, हरी सब्जियां दूध आदि हैं।
Vitamin B3 - जीभ का चिकनापान, त्वचा पर फोड़े फुंसी होना, त्वचा पर दाद होना, पाचन क्रिया में गड़बड़ी, मानसिक विकारों का होना, आदि।
- पूर्ति के स्रोत - मांस, मुंगफली, आलू, टमाटर, सब्जियां आदि हैं।
Vitamin B5 - पेलाग्रा ( मासिक विकार),बाल सफेद होना, पेशियो में लकवा ,पैरो में जलन आदि।
- पूर्ति के स्रोत - मांस, दूध, मुंगफली, गन्ना, टमाटर आदि हैं।
Vitamin B6 - एनिमिया, त्वचा रोग, मस्तिष्क का ठीक से काम ना करना, शरीर का भार कम होना आदि।
- पूर्ति के स्रोत - गाजर, मांस, अनाज आदि हैं।
Vitamin B7 - लकवा, शरीर में दर्द, बालों का गिरना तथा वृद्धि में कमी आदि।
- पूर्ति के स्रोत - अनाज, चॉकलेट, अंडे की जर्दी, दही, ओटमील, केला, सेब, बीन्स, ब्रोकली और पनीर आदि।
Vitamin B11 - एनीमिया, पेचिस रोग आदि।
- पूर्ति के स्रोत - दाल, यकृत ,सब्जियां, अंडा, सेम आदि हैं।
Vitamin B12 - रक्तअल्पता (रुधिर की कमी ) , एनिमिया, पांडुरोग रोग, ।
- पूर्ति के स्रोत - मांस, कलेजी, दूध, अंडे आदि हैं।
Vitamin C - स्कर्वी रोग , मसूड़े फूलना, अस्थियों के चारो ओर श्राव, अस्थियां कमजोर होना आदि।
- पूर्ति के स्रोत - खट्टे रसीले फल जैसे सन्तरा, नींबू, नारंगी, आँवला,अँगूर, सेब आदि
Vitamin D - रिकेट्स (सूखा रोग ), ऑस्टियोमलेशिया, कमजोर दांत, दातों का सड़ना आदि।
- पूर्ति के स्रोत - खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें पड़ती हैं तो शरीर की विटामिन D की पूर्ति हो जाती है।
Vitamin E - जनन शक्ति का कम होना।
- पूर्ति के स्रोत - हरी पत्तेदार सब्जियों, बादाम, कीवी फल, मक्खन, अंकुरित गेंहूँ, वनस्पति तेल, अंडो में, दूध में, अखरोट, सरसों आदि
Vitamin K - रक्त का थक्का न जमना, ऐंठन, हीमोफीलिया आदि।
- पूर्ति के स्रोत - टमाटर, हरी सब्जियां, आदि हैं।
No comments:
Post a Comment