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पंचवर्षीय योजना

पंचवर्षीय योजना

>जोसेफ स्टालिन ने 1928 में सोवियत संघ में पहली पंचवर्षीय योजना को लागू किया। 
>भारत ने स्वतंत्रता के तुरंत बाद 1951 में अपनी पहली पंचवर्षीय योजना शुरू की। इसे योजना आयोग (1951-2014) के माध्यम से किया गया था।
  • योजना आयोग का गठन : 15 मार्च 1950
  • समाप्ति : 15 Aug 2014
  • अध्यक्ष थे : पंडित जवाहरलाल नेहरू 
  • प्रथम उपाध्यक्ष  : गुलजारी लाल नंदा
  • अंतिम उपाध्यक्ष  मोंटेक सिंह अहलूवालिया थे (26 मई 2014 को इस्तीफा दे दिया)
  • उद्देश्य एवं लाभ : नए रोजगार प्रदान करना एवं कृषि विकास, अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाना
पंचवर्षीय योजनायें केंद्रीकृत और एकीकृत राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम हैं। (1947 से 2017 तक)

प्रथम पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि  : 01 April 1951 से  31 March 1956 तक
  • अध्यक्ष : पंडित जवाहरलाल नेहरू 
  • यह योजना हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी.
  • मुख्य ध्यान - देश के कृषि विकास पर 
  • यह योजना सफल रही और 3.6% की वृद्धि दर हासिल की थी.
  • भाखड़ा-नांगल, हीराकुंड और दामोदर घाटी जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाओं के विकास को प्रथम योजना में महत्व मिला।
दूसरी पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि : 01 April 1956 से  31 March 1961 तक
  • अध्यक्ष : प. जवाहरलाल नेहरू
  • यह योजना पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी.
  • मुख्य लक्ष्य - देश के औद्योगिक विकास पर
  • यह योजना भी सफल रही और इसने 4.1% की वृद्धि दर हासिल की थी.
  • इस योजना के द्वारा राउरकेला, भिलाई, दुर्गापुर इस्पात केंद्र की स्थापना की गयी
तीसरी पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि : 01 April 1961 से  31 March 1966 तक
  • PM : प. जवाहरलाल नेहरू
  • इस योजना को गाडगिल योजना भी कहा जाता है.
  • मुख्य लक्ष्य - अर्थव्यवस्था को गतिमान और आत्म निर्भर बनाना था.
  • चीन से युद्ध के कारण, यह योजना फेल हो गयी थी. इस योजना की वृद्धि दर का लक्ष्य 5.6% था लेकिन वास्तविक वृद्धि दर 2.4% रही थी.
  • इस योजना के द्वारा कृषि पर सबसे अधिक जोर दिया गया और  हरित क्रांति की शुरुवात की गयी थी
योजना अवकाश:
  • समय अवधि - 1966 से 1969 तक थी.
  • योजना अवकाश को बनाने के पीछे का कारण भारत-पाकिस्तान युद्ध और तीसरी पंचवर्षीय योजना की विफलता थी.
  • इन तीन सालों में कोई भी पंचवर्षीय योजना नहीं बनायीं गयी थी बल्कि हर साल एक वर्षीय योजना बनायीं गयी थी और हर योजना में कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों के साथ-साथ उद्योग क्षेत्र को समान प्राथमिकता दी गई थी.
चौथी पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि - 01 April 1969 से  31 March 1974 तक थी.
  • अध्यक्ष : इंदिरा गांधी (PM)
  • दो मुख्य उद्देश्य थे; 
    • पहला, स्थिरता के साथ विकास और 
    • दूसरा आत्म निर्भरता की स्थिति प्राप्त करना.
  • यह योजना असफल रही थी और 5.7% की विकास दर के लक्ष्य के मुकाबले केवल 3.3% की वृद्धि दर हासिल कर सकी थी.
  • इस योजना के समय श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ्लड) 1970 कार्यक्रम की शुरुवात की गयी.
पांचवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि  : 01 April 1974 से  31 March 1978 तक (योजना 4 साल तक चली )
  • गरीबी उन्मूलन (गरीबी हटाओ) और न्याय ,कृषि उत्पादन और रक्षा में आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान केंद्रित किया।
  • इस योजना का ड्राफ्ट ‘डी.पी. धर’ द्वारा तैयार किया गया था. 
  • कुल मिलाकर यह योजना सफल रही थी जिसने 4.4% के लक्ष्य के मुकाबले 4.8% की वृद्धि दर हासिल की थी.
रोलिंग प्लान: जब केंद्र में मोरारजी देसाई सरकार सत्ता में आयी तो उसने पांचवीं पंचवर्षीय योजना को 1978 में ही खत्म कर दिया था और इसके स्थान पर एक “वार्षिक प्लान” बना दिया था जिसे रोलिंग प्लान कहा गया था.
  • इस योजना के द्वारा गरिबी  और बेरोजगारी पर अधिक जोर दिया गया.
>जनता पार्टी द्वारा 1978 - 1980 की अवधि हेतु 'अनवरत योजना' बनायी गयी।

छठवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि अवधि  : 01 April 1980 से  31 March 1985
  • इस योजना का मूल उद्देश्य:
    •  गरीबी उन्मूलन और 
    • तकनीकी, आत्मनिर्भरता प्राप्त करना था.
  • छठी पंचवर्षीय योजना ने भारत में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की थी. मूल्य नियंत्रण समाप्त हो गए और राशन की दुकानें बंद कर दी गईं थी जिससे खाद्य कीमतों में वृद्धि हुई थी और देश में महंगाई ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे. इस प्रकार इस योजना के समय से नेहरु के समाजवाद का अंत हो गया था.
  • यह योजना बहुत सफल हुई थी. इसका विकास लक्ष्य 5.2% था लेकिन इसने 5.7% की वृद्धि दर हासिल की थी.
सातवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि : 01 April 1985 से  31 March 1990 तक थी.
  • अध्यक्ष : राजीव गांधी
  • इस योजना के उद्देश्यों :
    • आत्म निर्भर अर्थव्यवस्था की स्थापना और 
    • रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना शामिल था.
  • इस योजना में पहली बार निजी क्षेत्र को सार्वजनिक क्षेत्र की तुलना में अधिक में प्राथमिकता मिली थी.
  • इसका विकास लक्ष्य 5.0% था लेकिन इसने 6.0% वृद्धि दर हासिल की थी.

वार्षिक योजनाएं: केंद्र में अस्थिर राजनीतिक स्थिति के कारण आठवीं पंचवर्षीय योजना समय पर शुरू नहीं हो सकी, इस कारण 1990-91 और 1991-92 में दो वार्षिक योजनायें बनायीं गयी थीं.

आठवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि : 01 April 1992 से  31 March 1997 तक
  • इस योजना में मानव संसाधन विकास जैसे रोजगार, शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी.
  • 1991 में नरसिम्हा राव सरकार द्वारा नई आर्थिक नीति लागू की गई; आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान इन आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया गया।
  • यह योजना सफल रही थी और इसके विकास का लक्ष्य 5.6% रखा गया था लेकिन इस योजना ने 6.8% की वार्षिक वृद्धि दर हासिल की थी.
  • इस योजना के समय प्रधानमंत्री रोजगार योजना (1993 में) और राष्ट्रीय महिला कोष (March 1993 में ) की स्थापना की गयी.
नौवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि - 1997 से 2002 तक थी.
  • इस योजना का मुख्य फोकस :
    • न्याय और 
    • समानता के साथ विकास पर था.
  • इसे भारत की आजादी के 50 वें वर्ष में लॉन्च किया गया था.
  • यह योजना अपने विकास लक्ष्य 6.5% की दर को प्राप्त करने में सफल नहीं रही थी और इसने केवल 5.4% की वृद्धि दर हासिल की थी.
दसवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि - 2002 से 2007 तक थी.
  • लक्ष्य : अगले 10 वर्षों में भारत की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना था.
  • उद्देश्य : 2012 तक गरीबी अनुपात को 15% कम करना था.
  • इस योजना में 8.0% विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वास्तव में केवल 7.6% की वृद्ध दर हासिल की जा सकी थी.
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि - 2007 से 2012 तक
  • अध्यक्ष :  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
  • यह योजना सी. रंगराजन द्वारा तैयार की गयी थी
  • मुख्य थीम - "तेज़ और अधिक समावेशी विकास (गरीबी में कमी) थी.
  • इस योजना में 8.1 % विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वास्तव में केवल 7.9% की वृद्ध दर हासिल की जा सकी थी.
  • उद्देश्य :
  • कृषि, उद्योग और सेवाओं में वृद्धि दर को क्रमशः 4%, 10% और 9% तक बढ़ाना।
  • 2009 तक सभी के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं।
  • लैंगिक असमानता में कमी।
  • शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्तिकरण।
  • इसने दूरस्थ शिक्षा, औपचारिक, गैर-औपचारिक, दूरस्थ और आईटी शिक्षा संस्थानों के अभिसरण पर ध्यान केंद्रित किया।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना:
  • अवधि  : 01 April 2012 से  31 March 2017
  • मुख्य थीम : "तेज़, अधिक समावेशी और सतत विकास"
  • 12वीं पंचवर्षीय योजना के अनुसार, आर्थिक क्षेत्र में कृषि, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, संचार, ग्रामीण विकास और शहरी विकास शामिल थे, जबकि सामाजिक क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कौशल शामिल थे.
  • इस योजना में 8 % विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वास्तव में केवल 6.8% की वृद्ध दर हासिल की जा सकी थी.
  • उद्देश्य :
    • गैर कृषि क्षेत्र में 50 मिलियन नए काम के अवसर पैदा करना.
    • 0-3 साल के बच्चों के बीच कुपोषण को कम करना.
    • वर्ष 2017 तक सभी गांवों को बिजली उपलब्ध कराना
    • ग्रामीण आबादी के 50% जनसँख्या को उचित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना
    • हर साल 1 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़ लगाकर हरियाली फैलाना
    • देश के 90% परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना
  1. 12वीं पंचवर्षीय योजना भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना कही जाएगी.
  2. 2014 में निर्वाचित नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने योजना आयोग के विघटन की घोषणा की थी.

नीति आयोग

National Institution for Transforming India
राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान

भारत में पंचवर्षीय योजना प्रणाली को 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012–17) के बाद समाप्त कर दिया गया। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार ने Planning Commission को समाप्त कर उसके स्थान पर नई संस्था बनाने की घोषणा की। 1 जनवरी 2015 को NITI Aayog की स्थापना हुई।
  • मुख्यालय : नई दिल्ली
  • स्थापना : 1 जनवरी 2015
  • अध्यक्ष  : प्रधानमंत्री MODI
  • प्रथम उपाध्यक्ष कौन थे? : अरविंद पनगढ़िया
  • वर्तमान उपाध्यक्ष : डॉ. सुमन के बेरी
  • प्रथम CEO : अमिताभ कांत
नीति आयोग का उद्देश्य
  • यह भारत सरकार का नीति संबंधी Think Tank है।
  • इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को बढ़ावा देना है।
  • राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की रणनीति तैयार करने में सहयोग करता है।
  • यह Bottom-up Approach अर्थात नीचे से ऊपर की ओर योजना-निर्माण पर जोर देता है।
  • नीति आयोग ने Planning Commission का स्थान लिया।
नीति आयोग के 7 प्रमुख स्तंभ है।
  1. Pro-People — जन-केंद्रित
  2. Pro-Activity — सक्रियता
  3. Participation — सहभागिता
  4. Empowering — सशक्तीकरण
  5. Inclusion — समावेशन
  6. Equality — समानता
  7. Transparency — पारदर्शिता
नीति आयोग व्यवस्था - 15 साल का Vision → 7 साल की Strategy → 3 साल का Action Agenda।

यह संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा गठित एक कार्यकारी संस्था (Executive Body) है।

वस्तु और सेवा कर (GST)

Goods and Services Tax

यह अप्रत्यक्ष कर है। 
  • GST का विचार सर्वप्रथम केलकर टास्क फोर्स द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
  • विजय केलकर समिति ने इसे देश में लागू करने की सिफारिस की थी। विजय केलकर भारत के 13वें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे।
अनुच्छेद 269-A : भारत सरकार द्वारा लगाया और एकत्र किया जाएगा और ऐसे कर को संघ और राज्यों के बीच संसद द्वारा प्रदान किए गए तरीके से विभाजित किया जाएगा।

अनुच्छेद 246-A :  राज्य को माल और सेवा कर के संबंध में कानून बनाने की शक्ति है। केंद्र सरकार को विशेष यह शक्ति दी गई है कि वह जीएसटी के संबंध में कानून बनाए।
  • GST - 122वां संविधान संसोधन बिल है और 101वां संविधान संशोधन अधिनियम 2016 है।
  • GST के लिए विधेयक के कितने वोट पड़े थे? - पक्ष में 336 और विपक्ष में 11
    • GST बिल राज्य सभा में पारित : 3 अगस्त 2016
    • GST बिल लोक सभा में पारित : 8 ऑगस्त 2016
    • राष्ट्पति मंजूरी मिली : 8 सितम्बर 2016 में
    GST लागु करने का क्रम :
    • पहला राज्य -असम , 12 august 2016
    • दूसरा राज्य  - बिहार राज्य
    • अंतिम राज्य  - जम्मू कश्मीर में,  5 July 2017
    • GST लागु : 1 जुलाई 2017 को सम्पूर्ण भारत में ( J&K को छोड़कर ) इस लिए GST दिवस 1 जुलाई को मनाया जाता है।
    GST Council संरचना :

    परिषद (Council ) की स्थापना 12 September 2016 को असीम दास गुप्ता की सिफारिस पर किया गया था।इसका अध्यक्ष वित्त मंत्री होता है । सदस्य: केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री, सभी राज्य एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के वित्तमंत्री या सरकार द्वारा निर्वाचित मंत्रीगण होते हैं।

    अनुच्छेद 279-A : 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 को 279a संविधान में जोड़ा गया ,यह बताता है कि 60 दिनों के अंदर राष्ट्रपति के द्वारा GST परिषद का गठन किया जायेगा।
    • आदर्श वाक्य - "वन टैक्स फॉर वन कंट्री"
    • मुख्यालय - दिल्ली में
    • परिषद में कुल सदस्यों की संख्या है - 33 { 02 केन्द्र और शेष 31 State और UT }
    • परिषद् के प्रथम अध्यक्ष - अरूण जेटली 
    • वर्तमान अध्यक्ष  -  निर्मला सीतारमण
    • ब्रांड एबेसडर - अमिताभ बच्चन जी
    • जीएसटी संग्रहालय - गोवा में है। { उदृघाटन किया - निर्मला सीतारमण }
    GST की दरे ? - 5%, 12%, 18%, 28%
    1. SGST - State Goods And Service Tax
    2. CGST - Central Goods And Service Tax
    3. IGST - Integrated Goods And Service Tax
    4. UTGST- Union Territory Goods and Services Tax

    वर्तमान परिवर्तन एवं अपडेट (2025)
    • हाल में हुए 56वीं GST परिषद की बैठक में कई बड़े सुधार एवं कर संरचना में बदलाव स्वीकृत किए गए हैं: 
    • जीएसटी दरों के इस बड़े पुनर्समयोजन को “GST 2.0” नाम दिया गया है।
    • बैठक तिथि : 3–4 सितंबर 2025 ( नए निर्णय 3 सितंबर को लिए गए )
    • दरों का नया ढांचा : पुराने चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर दो मुख्य स्लैब - 5% और 18% किया गया।
    • नए दरों को लागू करने की तिथि: 22 सितंबर 2025
    • पनीर, रोटी, दूध आदि को 0% (nil) श्रेणी में लाने की घोषणा।
    • दैनिक उपयोग की वस्तुएँ (शैम्पू, टूथपेस्ट आदि) 5% पर ले जाना घोषणा।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स व होम अप्लायंसेज  पर 18% (पहले 28%)
    • जबकि एसयूवी और लक्ज़री कारों पर 40% जीएसटी लागू है।
    Exam-Oriented :
    • भारत में GST का बटवारा केंद्र और राज्य के बीच का अनुपात कितना हैं - 50 : 50
    • GST के आने से भारत में कुल 17 कर समाप्त हुए।
    • भारत जीएसटी लागू करने वाला विश्व में कोन सा देश है - 161वां
    • भारत का GST किस देश के मॉडल पर आधरित है? - कनाडा
    • GST लागु करने वाला विश्व का पहला देश कौन सा है? - फ्रांस (1954)
    • GSTIN - Goods and Services Tax Identification Number {15 अंक का नम्बर }

    National Education Policy

    भारत की शिक्षा नीतियाँ

    भारत के इतिहास में अब तक 03 बार शिक्षा नीति आ चुकी है :
    1. 1968 - इंदिरा गांधी के समय,
    2. 1986 - राजीव गांधी के समय तथा
    3. 2020 - नरेंद्र मोदी की सरकार के समय
    प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति — 1968
    • घोषणा — 24 जुलाई 1968।
    • यह कोठारी आयोग (1964–66) की सिफारिशों पर आधारित थी।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री — इंदिरा गांधी।
    • इसमें 14 प्रमुख राष्ट्रीय शिक्षा लक्ष्य/नीतिगत बिंदुओं पर जोर दिया गया था; इसलिए आपके notes में "17 आधारभूत सिद्धांत" वाली line हटाना बेहतर है।
    • प्रमुख जोर — समान शैक्षिक अवसर, 14 वर्ष तक निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा, शिक्षक शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान तथा राष्ट्रीय एकता पर।
    द्वितीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति — 1986
    • घोषणा — 1986।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री — राजीव गांधी।
    • शिक्षा व्यवस्था में 10+2+3 संरचना को प्रमुखता दी गई।
    • नवोदय विद्यालय की अवधारणा/स्थापना इसी नीति के कार्यक्रमों से जुड़ी है।
    • Open University एवं Distance Education को बढ़ावा दिया गया।
    • शिक्षा पर GDP का 4.43% खर्च हुआ 
    • नीति का लक्ष्य शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश को 6% राष्ट्रीय आय/GDP के स्तर तक बढ़ाना था।
    •  — पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार के समय1992 में संशोधन हुआ था। 
    तीसरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 

    NEP 2020 Draft Committee

    • मई 2016 में पूर्व कैबिनेट सचिव टी. एस. आर. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली समिति ने नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
    • इसके बाद जून 2017 में, डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एक नई Drafting Committee गठित की गई।
    • इस समिति ने 31 मई 2019 को अपनी Draft National Education Policy (नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा) सरकार को सौंपा।
    • इसी मसौदे और आगे की प्रक्रिया के आधार पर 29 जुलाई 2020 को NEP 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।
    NEP 2020 — Basic Facts
    • घोषणा/कैबिनेट मंजूरी — 29 जुलाई 2020।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री — नरेंद्र मोदी।
    • यह 1986 की नीति (1992 में संशोधित) के बाद आई।
    • NEP 2020 का मुख्य आधार — Access, Equity, Quality, Affordability और Accountability।
    नई स्कूली संरचना — 5+3+3+4
    • Foundational Stage — 5 वर्ष → 3 वर्ष आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल + कक्षा 1–2।
    • Preparatory Stage — 3 वर्ष → कक्षा 3–5।
    • Middle Stage — 3 वर्ष → कक्षा 6–8।
    • Secondary Stage — 4 वर्ष → कक्षा 9–12।
    कम-से-कम कक्षा 5 तक, और बेहतर हो तो कक्षा 8 तथा उससे आगे तक, मातृभाषा/स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा को माध्यम बनाने की सिफारिश की गई है।

    Vocational Education :
    • कक्षा 6 से vocational education शुरू करने का प्रावधान है।
    • कक्षा 6–8 के दौरान विद्यार्थियों को vocational exposure और internships देने पर जोर है।
    • 10 दिन का bagless period भी NEP 2020 की महत्वपूर्ण सिफारिशों में है।
    Higher Education
    • उच्च शिक्षा में Multiple Entry–Multiple Exit (ME-ME) व्यवस्था का प्रावधान।
    • 1 वर्ष के बाद — Certificate।
    • 2 वर्ष के बाद — Diploma।
    • 3 वर्ष के बाद — Bachelor's Degree।
    • 4 वर्ष के बाद — Bachelor's Degree with Research।
    • Academic Bank of Credits (ABC) का प्रावधान।
    • M.Phil. कार्यक्रम को समाप्त करने का प्रावधान।
    HECI 
    Higher Education Commission of India (HECI) का प्रस्ताव किया गया। इसका उद्देश्य चिकित्सा और विधि शिक्षा को छोड़कर उच्च शिक्षा के लिए एक umbrella regulatory framework बनाना है।
    HECI के 4 प्रमुख verticals प्रस्तावित हैं:
    • NHERC — Regulation
    • NAC — Accreditation
    • HEGC — Funding
    • GEC — Academic Standards
    Exam Focus NEP 2020 :
    1. National Curriculum Framework for School Education (NCF-SE) — 2023 में जारी।
    2. National Curriculum Framework for Foundational Stage (NCF-FS) — 2022 में लॉन्च।
    3. PARAKH — National Assessment Centre के रूप में स्थापित।
    4. NIPUN Bharat — Foundational Literacy & Numeracy पर केंद्रित राष्ट्रीय मिशन।
    5. Anusandhan National Research Foundation (ANRF) — research एवं innovation को बढ़ावा देने के लिए वैधानिक framework।
    6. NEP 2020 के तहत 2030 तक school education में 100% GER और 2035 तक higher education GER को 50% करने का लक्ष्य।
    7. कर्नाटक — NEP 2020 लागू करने वाला पहला राज्य;23 अगस्त 2021।

    भारतीय मुद्रा, विमुद्रीकरण

    भारतीय मुद्रा

    भारत में मुद्रा आपूर्ति का प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है। भारतीय रुपये का चिह्न (₹) IIT गुवाहाटी के प्रोफेसर डी. उदय कुमार ने डिजाइन किया था। भारत सरकार ने इसे 15 जुलाई 2010 को अपनाया था।

    भारतीय बैंकनोटों पर कुल 17 भाषाएँ होती हैं—भाषा-पैनल में 15 भाषाएँ तथा इनके अतिरिक्त हिंदी और अंग्रेजी होती हैं।

    भारत में मुद्रा एवं सुरक्षा दस्तावेजों से संबंधित प्रमुख सरकारी संस्थानों में बैंक नोट प्रेस, करेंसी नोट प्रेस, सुरक्षा मुद्रण प्रेस, इंडिया सिक्योरिटी प्रेस तथा सिक्का टकसाल शामिल हैं। 
    • बैंक नोट प्रेस (BNP) — देवास, मध्य प्रदेश में है।
    • करेंसी नोट प्रेस (CNP) — नासिक, महाराष्ट्र में है।
    • सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस (SPP) — हैदराबाद, तेलंगाना में है।
    • इंडिया सिक्योरिटी प्रेस (ISP) — नासिक, महाराष्ट्र में है।
    • सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM) — नर्मदापुरम (पूर्व नाम होशंगाबाद), मध्य प्रदेश में है। यहाँ बैंकनोट, स्टाम्प पेपर आदि के लिए सुरक्षा कागज तैयार किया जाता है।
    04 सिक्का टकसाल है। (India Government Mint):
    1. मुंबई, महाराष्ट्र
    2. अलीपुर (कोलकाता), पश्चिम बंगाल
    3. हैदराबाद, तेलंगाना
    4. नोएडा, उत्तर प्रदेश
    इन टकसालों में मुख्य रूप से सिक्के, पदक (Medals) और अन्य आधिकारिक स्मारक/मेडल बनाए जाते हैं।

    भारतीय मुद्रा (नोट) पर आकृति :
    • 500 रुपये - लाल किला
    • 200 रुपये - सांची स्तूप
    • 100 रुपये - रानी की वाव
    • 50 रुपये - हम्पी के रथ
    • 20 रुपये - एलोरा की गुफाएं
    • 10 रुपये - कोणार्क सूर्य मंदिर
    विमुद्रीकरण या नोटबंदी
    (Demonetisation)

    नोटबंदी का मुख्य उदेश्य :नकली मुद्रा को संचलन से हटाना, काले धन को खत्म करना, कर चोरी करने वालों और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच भय पैदा करना, आतंकवादी गतिविधिया कम करना।

    12 Jan 1946 में नोटबंदी :
    • 1000 और 10000 रुपए के नोटों का विमुद्रिकरण हुआ था।
    • RBI के गवर्नर रहे - सी. डी. देशमुख (3rd)
    • इस समय भारत आजाद नहीं हुआ था।
    16 Jan 1978 :
    • 1000, 5000 और 10,000 रुपए के नोटों का विमुद्रिकरण हुआ था।
    • RBI के गवर्नर रहे - इंद्रप्रसाद गोर्धनभाई पटेल (14वें)
    • वित्तमंत्री - हरिभाई एम. पटेल 
    • Pm - मोरारजी देसाई 
    8 Nov 2016 :
    • 500 और 1000 के रुपए के नोटों का विमुद्रिकरण हुआ था।
    • घोषणा - 8बजे टीवी पर (BJPसरकार) मोदी द्वारा संबोधित कर विमुद्रीकरण किया गया ।
    • RBI के गवर्नर रहे - उर्जित पटेल (24वें )
    • वित्तमंत्री - अरुण जेटली 
    • 2016 में पहली बार 2000 रुपए का नोट जारी किया गया। इसके अलावा 10, 50, 200 और 500 रुपए का नया नॉट जारी किया गया।
    Exam Focus :
    • 2000 रू. के नोट को 19 may 2023 में घोषणा कर, 30 Sep 2023 को चलन से बाहर कर दिया गया।
    • Year 2000 में दूसरी बार 1000 रुपए का नोट जारी किया गया था।
    • 1987 में पहली बार 500 रुपए का नोट जारी किया गया था।
    • 1938 में पहली बार रिजर्व बैंक द्वारा 10000 रुपए का नोट जारी किया गया था।
    • भारत में सिक्कों की ढलाई का काम कौन करता है? - वित्त मंत्रालय 
    • पांच रुपये की नोट की प्रिंटिंग कब बंद हुई ? - 2009 में
    • भारत में सिक्के जारी करने का अधिकार भारत सरकार के पास है, जबकि RBI उन्हें संचलन (circulation) में डालने का काम करता है।
    • ₹1 का नोट — भारत सरकार जारी करती है , हस्ताक्षर — वित्त सचिव